फेनबेंडाजोल: कैंसर के इलाज में एक विवादास्पद विकल्प?
नमस्कर दोस्तों! आज के इस ब्लॉग में हम एक ऐसे विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं जो हाल के वर्षों में काफी चर्चा में रहा है - फेनबेंडाजोल (Fenbendazole) और कैंसर का इलाज। यह एक पशु चिकित्सा दवा है जो मूल रूप से जानवरों में कीड़ों को मारने के लिए इस्तेमाल की जाती है, लेकिन कुछ लोगों का दावा है कि यह कैंसर के खिलाफ भी प्रभावी हो सकती है। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि फेनबेंडाजोल क्या है, इसका कैंसर से क्या संबंध है, जो टिपेंस की कहानी, वैज्ञानिक सबूत, जोखिम और क्या यह वाकई एक सुरक्षित विकल्प है। ध्यान दें, यह ब्लॉग केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है और किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के लिए हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।फेनबेंडाजोल क्या है?फेनबेंडाजोल एक एंटीहेल्मिंथिक दवा है, जो बेंजिमिडाजोल समूह से संबंधित है। यह मुख्य रूप से कुत्तों, घोड़ों और अन्य जानवरों में परजीवी कीड़ों (जैसे राउंडवॉर्म, हुकवॉर्म आदि) को मारने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
यह दवा माइक्रोट्यूब्यूल्स को प्रभावित करके कीड़ों की कोशिकाओं को नष्ट करती है, जिससे वे पोषक तत्व ग्रहण नहीं कर पाते और मर जाते हैं। मनुष्यों के लिए यह दवा FDA द्वारा कैंसर के इलाज के रूप में अनुमोदित नहीं है, लेकिन कुछ लोग इसे ऑफ-लेबल (अनधिकृत रूप से) इस्तेमाल कर रहे हैं।
फेनबेंडाजोल की उपलब्धता आसान है - इसे पशु चिकित्सा स्टोर से खरीदा जा सकता है, जैसे पैनाक्योर (Panacur) ब्रांड में। लेकिन मनुष्यों में इसका उपयोग विवादास्पद है क्योंकि इसके लिए कोई मानव परीक्षण नहीं हुए हैं।
जो टिपेंस की कहानी: एक प्रेरणादायक लेकिन विवादास्पद किस्साफेनबेंडाजोल को कैंसर के इलाज के रूप में लोकप्रिय बनाने में जो टिपेंस की कहानी का बड़ा हाथ है। जो टिपेंस एक अमेरिकी व्यक्ति हैं जिन्हें 2016 में छोटी आंत का कैंसर (स्मॉल सेल लंग कैंसर)診断 हुआ था, जो पूरे शरीर में फैल चुका था। डॉक्टरों ने उन्हें केवल कुछ महीनों का समय दिया था। लेकिन जो ने एक वैकल्पिक प्रोटोकॉल अपनाया, जिसमें फेनबेंडाजोल मुख्य था।
जो टिपेंस प्रोटोकॉल में शामिल हैं:फेनबेंडाजोल: 222 मिलीग्राम प्रतिदिन, तीन दिन लेना और चार दिन बंद।
विटामिन ई: 800 IU प्रतिदिन।
कर्क्यूमिन (हल्दी का अर्क): 600 मिलीग्राम प्रतिदिन।
CBD ऑयल: 25 मिलीग्राम प्रतिदिन।
जो का दावा है कि इस प्रोटोकॉल से उनका कैंसर पूरी तरह ठीक हो गया और वे अब कैंसर-मुक्त हैं।
उनकी कहानी सोशल मीडिया, यूट्यूब और ब्लॉग्स पर वायरल हुई, जिससे हजारों लोग इसे आजमाने लगे। उदाहरण के लिए, पेटन एलरॉय नाम की एक महिला ने अपने पिता के कोलन कैंसर के लिए फेनबेंडाजोल और आइवरमेक्टिन का उपयोग शुरू किया, जैसा कि उनके X पोस्ट में बताया गया है। लेकिन याद रखें, यह एक व्यक्तिगत कहानी है, न कि वैज्ञानिक प्रमाण।
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फल के बीज जो आपके शरीर मे कैंसर ना पनपने ना दे। "VB17" |
वैज्ञानिक सबूत: क्या कहती है रिसर्च?फेनबेंडाजोल पर कुछ प्रीक्लिनिकल स्टडीज हुई हैं जो इसके एंटीकैंसर प्रभावों की ओर इशारा करती हैं। उदाहरण के लिए:कोलोरेक्टल कैंसर पर एक अध्ययन में पाया गया कि फेनबेंडाजोल सेल साइकल को रोकता है और ट्यूमर कोशिकाओं को नष्ट करता है। चूहों में इसका ओरल प्रशासन ट्यूमर की संख्या कम करता है और ग्रेड को घटाता है।
एक अन्य अध्ययन में फेनबेंडाजोल के एंटीकैंसर प्रभावों को लंग कैंसर, मेलानोमा आदि में देखा गया, जहां यह एपोप्टोसिस (कोशिका मृत्यु) को बढ़ावा देता है।
यह दवा माइक्रोट्यूब्यूल्स को प्रभावित करके कैंसर कोशिकाओं के विभाजन को रोकती है, जो कीमोथेरेपी दवाओं जैसा काम करती है।
हालांकि, ये ज्यादातर लैब और जानवरों पर आधारित अध्ययन हैं। मनुष्यों पर कोई बड़े क्लिनिकल ट्रायल नहीं हुए हैं। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी कहती है कि फेनबेंडाजोल मनुष्यों में कैंसर के इलाज के लिए परीक्षित नहीं है।
एक अध्ययन में तो चूहों में फेनबेंडाजोल से कैंसर की वृद्धि दोगुनी तेज हो गई!
इसके अलावा, कुछ अध्ययनों में ठोस ट्यूमर के खिलाफ कोई प्रभाव नहीं पाया गया।
फेनबेंडाजोल को अक्सर आइवरमेक्टिन के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन ये दोनों ही पुनरुपयोगी दवाएं हैं जिनके लैब में प्रभाव दिखे हैं, लेकिन क्लिनिकल प्रमाण की कमी है।
जोखिम और साइड इफेक्ट्सफेनबेंडाजोल की सुरक्षा प्रोफाइल अच्छी है - यह सस्ती है, कम साइड इफेक्ट्स वाली और जानवरों में सुरक्षित।
लेकिन मनुष्यों में लंबे समय तक उपयोग से लीवर की समस्या, पेट दर्द, उल्टी या एलर्जी हो सकती है। चूंकि यह पशु दवा है, इसकी शुद्धता और खुराक मनुष्यों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकती।सबसे बड़ा जोखिम है गलत सूचना। दक्षिण कोरिया जैसे देशों में फेनबेंडाजोल को टर्मिनल कैंसर का इलाज बताकर फैलाई गई अफवाहों ने मरीजों को भ्रमित किया है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह मानक इलाज का विकल्प नहीं है।
निष्कर्ष: क्या आजमाना चाहिए?फेनबेंडाजोल कैंसर के इलाज में एक दिलचस्प विकल्प लगता है, खासकर जो टिपेंस जैसे सफल मामलों से। लेकिन वैज्ञानिक सबूत सीमित हैं और जोखिम मौजूद हैं। अगर आप कैंसर से जूझ रहे हैं, तो डॉक्टर से बात करें और सेल्फ-मेडिकेशन से बचें। रिसर्च जारी है, और भविष्य में यह एक मान्य इलाज बन सकता है, लेकिन अभी यह केवल एक प्रयोग है।अगर आपको यह ब्लॉग पसंद आया, तो कमेंट करें और शेयर करें। स्वस्थ रहें!(नोट: यह ब्लॉग 26 नवंबर 2025 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है।)
संबंधित महत्वपूर्ण संसाधन और लिंक्स
कैंसर संबंधित मुख्य संसाधन:
चित्र: कैंसर अनुसंधान प्रयोगशाला में चिकित्सा विज्ञानी
चिकित्सा और अनुसंधान आधारित संसाधन:
- 6. Healthline - कैंसर की व्यापक मेडिकल जानकारी
- 7. Medical News Today - नई चिकित्सा खोजें और समाचार
- 8. Cancer.Net - ASCO द्वारा रोगी संसाधन
- 9. PubMed - वैज्ञानिक शोधपत्र डेटाबेस
- 10. Clinical Trials - नैदानिक परीक्षण खोजें
- 11. Anti-Cancer Fund - वैकल्पिक उपचार शोध
- 12. ResearchGate - वैज्ञानिक अनुसंधान साझाकरण मंच
चित्र: प्रत्यक्ष चिकित्सा परामर्श महत्वपूर्ण है
महत्वपूर्ण नोट्स (Critical Notes):
यह ब्लॉग केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के लिए हमेशा योग्य चिकित्सक या ऑन्कोलॉजिस्ट से परामर्श लें। स्व-औषधि या प्रमाणित नहीं किए गए उपचार खतरनाक हो सकते हैं।
चित्र: सुस्वास्थ्य के लिए पेशेवर मार्गदर्शन अत्यावश्यक
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